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Hindi

Quick Revision

Chapter 10: Mata ka Aanchal

Key Concepts

  • 1'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  • 2'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  • 3'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  • 4'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  • 5'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  • 6'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  • 7'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
  • 8'माता का आँचल' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

Important Formulas & Facts

#1

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

#2

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

#3

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

#4

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

#5

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

#6

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

#7

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

#8

शिवपूजन सहाय: पिता भोलानाथ को बहुत प्यार करते हैं — सजाते, खिलाते, गोद में बिठाते। लेकिन साँप देखकर डरा बच्चा पिता को छोड़कर माँ की गोद में भागता है। संदेश: संकट में बच्चे को माँ का आँचल (सुरक्षा) सबसे पहले याद आता है। माँ का स्थान अद्वितीय है।

Must-Know Questions

Q1भोलानाथ का असली नाम क्या था? उन्हें भोलानाथ क्यों कहा जाता था?
Explanation

भोलानाथ का असली नाम 'तारकेश्वरनाथ' था। उन्हें भोलानाथ इसलिए कहा जाता था क्योंकि उनके पिता उन्हें भोलेनाथ (शिव) की तरह सजाते थे — माथे पर तिलक लगाते, गले में फूलों की माला पहनाते।

Q2'माता का आँचल' पाठ में पिता का बच्चे के प्रति क्या रवैया दिखाया गया है?
Explanation

पिता (बाबूजी) का बच्चे भोलानाथ के प्रति बहुत प्रेमपूर्ण व्यवहार था: (1) सुबह उसे अपने साथ सुलाते, पूजा में बिठाते। (2) रामायण पढ़ते समय गोद में बिठाते। (3) भोलेनाथ की तरह सजाते — तिलक, माला। (4) उसकी सभी शरारतों को सहन करते। (5) खेल में उसका साथ देते। लेकिन भय लगने पर भोलानाथ पिता को छोड़कर माँ के आँचल में जा छिपता है — यह दर्शाता है कि माँ का प्रेम अलग और गहरा होता है।

Q3भोलानाथ और उसके साथी कौन-कौन से खेल खेलते थे?
Explanation

भोलानाथ और साथियों के खेल: (1) कबड्डी। (2) गुल्ली-डंडा। (3) चूहे का बिल खोदना। (4) बारात का खेल — भोलानाथ दूल्हा बनता। (5) खिलौनों का खेल। (6) नकली रसोई बनाना (कनस्तर के बर्तन)। (7) वकील-मुवक्किल का खेल। ये सब ग्रामीण बचपन की सहज क्रीड़ाएँ हैं जो अब शहरों में लुप्त हो रही हैं।

Q4भोलानाथ डरकर माँ की गोद में क्यों भागा? इससे क्या संदेश मिलता है?
Explanation

जब साँप निकला और सभी बच्चे डर गए, तब भोलानाथ पिता के पास न जाकर सीधे माँ की गोद में भागा। इससे संदेश मिलता है कि संकट के समय बच्चे को माँ का आँचल ही सबसे सुरक्षित लगता है। पिता कितना भी प्यार करें, माँ का स्थान अद्वितीय है।

Q5निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 'हम दोनों भाई सुबह उठते ही बाबूजी से चिपक जाते। फिर बाबूजी हमें कंधे पर बिठाकर कुएँ पर ले जाते।' प्रश्न: इस गद्यांश से पिता-पुत्र के संबंध पर प्रकाश डालिए।
Explanation

इस गद्यांश से पता चलता है कि: (1) बच्चे पिता से बहुत जुड़े हुए थे — सुबह उठते ही चिपकना स्नेह दर्शाता है। (2) पिता भी बच्चों को भरपूर समय देते थे — कंधे पर बिठाना, कुएँ पर ले जाना। (3) संयुक्त परिवार में पिता की भूमिका — दोस्त और संरक्षक दोनों। (4) ग्रामीण जीवन की सहजता — कुएँ पर जाना दैनिक क्रिया।

Practice Mata ka Aanchal

Reinforce what you just revised with practice questions